Skip to content

मध्य-पूर्व में युद्ध का बिगुल: इजराइल-ईरान आमने-सामने, 400 मिसाइलों से पलटवार

‘लायंस रोअर’ अभियान के बीच अमेरिकी भूमिका पर सवाल, परमाणु वार्ता पर गहराया संकट

मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजराइल ने शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों पर व्यापक हवाई हमले किए। इसके तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए करीब 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को युद्ध जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है।

ईरान का पलटवार: अमेरिकी ठिकानों पर भी निशाना

ईरान ने केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि कतर बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। यह संकेत है कि संघर्ष अब द्विपक्षीय न रहकर बहुपक्षीय रूप ले सकता है।

सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा संगठन और सर्वोच्च नेता अली ख़ेमेनी के कार्यालय को भी टारगेट किया। हमलों के बाद खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने की खबर है।

लायंस रोअर’ अभियान और अमेरिकी भागीदारी

इजराइल ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘लायंस रोअर’ (शेर की दहाड़) नाम दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया, विशेषकर एआई जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि यह अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान हो सकता है।

हालांकि आधिकारिक पुष्टि सीमित है, लेकिन अमेरिकी भूमिका को लेकर अटकलें तेज हैं।

ट्रम्प की चेतावनी और रणनीतिक संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ट्रम्प का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अमेरिका और उसके नागरिकों को संभावित खतरे से बचाना है। उनके अनुसार अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।

हमले से एक दिन पहले अमेरिका ने अपने नागरिकों को इजराइल छोड़ने की सलाह दी थी, जिससे संभावित बड़े सैन्य टकराव की आशंका पहले ही जताई जा रही थी।

परमाणु वार्ता पर संकट

यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। वार्ता में सबसे बड़ा विवाद ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट रहा है।

ईरान स्पष्ट रूप से कह चुका है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम उसकी “रेड लाइन” है और इस पर कोई समझौता संभव नहीं। तेहरान का तर्क है कि उसकी मिसाइलें उसकी रक्षात्मक क्षमता का आधार हैं और जून 2025 में कथित हमलों के दौरान इन्हीं मिसाइलों ने देश की रक्षा की थी।

ईरान ने दोहराया है कि बातचीत केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहनी चाहिए मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय समूहों पर चर्चा स्वीकार्य नहीं होगी।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

इस संघर्ष के संभावित प्रभाव व्यापक हो सकते हैं:

खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका वैश्विक बाजारों में अस्थिरता अमेरिका-ईरान संबंधों में स्थायी दरार संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियों की आपात कूटनीतिक सक्रियता

मध्य-पूर्व एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। यदि कूटनीति तत्काल सक्रिय नहीं हुई, तो यह टकराव पूर्ण युद्ध में बदल सकता है, जिसके परिणाम केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक होंगे।

ख़बर शेयर करें:

Description of the image
Kanha Shastri

Kanha Shastri