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बड़े डूमरपाली में गूंजेगा रामनाम: 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा को लेकर गांव में उत्साह, 6 मई से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान

चपले । रायगढ़ जिले के रॉबर्टसन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़े डूमरपाली इन दिनों पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में रंग चुका है। गांव की पावन धरा पर आगामी 6 मई से संगीतमय नवदिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और आयोजन समिति में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।

युवा समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को क्षेत्र का एक बड़ा आध्यात्मिक आयोजन माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह कथा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, मर्यादा, धर्म और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का माध्यम बनेगी।

कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ

आयोजन की शुरुआत 6 मई 2026, बुधवार को शाम 5 बजे भव्य कलश यात्रा से होगी। गांव की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा में शामिल होंगी। धार्मिक ध्वज, जयकारों, भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

7 मई से प्रारंभ होगी श्रीराम कथा

7 मई 2026, गुरुवार से कथा व्यास श्रद्धेय पंडित श्री दिलीप कुमार मिश्रा के मुखारविंद से संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा, जो श्रीराम कृपा तक चलेगा।

कथा स्थल मां भखेश्वरी प्रांगण (मांझापारा), बड़े डूमरपाली में बनाया गया है। यहां विशाल पंडाल, बैठक व्यवस्था, पेयजल एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

संगीतमय शैली में होगा रामचरित का वर्णन

पंडित श्री दिलीप कुमार मिश्रा अपनी मधुर वाणी और संगीतमय शैली के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, आदर्श, त्याग, मर्यादा, धर्म और नीति का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।

आचार्य दिलीप मिश्रा जी ने बताया कि वर्तमान समय में समाज को भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कथा के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

सहस्त्रधारा और विशाल भंडारे के साथ होगा समापन

नवदिवसीय कथा का समापन 16 मई 2026, शनिवार को सहस्त्रधारा एवं विशाल भंडारे के साथ होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

भंडारे में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी।

गांव में दिख रहा सामूहिक सहभागिता का उत्साह

धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए गांव के युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन मिलकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। कोई सजावट में सहयोग कर रहा है तो कोई व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभा रहा है। आयोजन ने पूरे गांव को एक सूत्र में बांध दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।

श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील

आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार एवं इष्ट मित्रों सहित कथा में शामिल होकर श्रीराम कथा का रसपान करें और धर्म लाभ प्राप्त करें।

समिति का मानना है कि श्रीराम कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन में मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और सेवा भाव को अपनाने का संदेश भी देती है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri