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बंगाल में सत्ता परिवर्तन, ममता सरकार का अंत; धीरेन्द्र शास्त्री के पुराने बयान फिर चर्चा में

रायपुर । पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। 15 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली Mamata Banerjee की सरकार अब सत्ता से बाहर हो गई है। विधानसभा चुनाव परिणामों में BJP ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए पहली बार बंगाल में अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार BJP ने 294 में से 206 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों तक सिमट गई।  

सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तब लगा जब भवानीपुर सीट से खुद ममता बनर्जी चुनाव हार गईं। BJP नेता Suvendu Adhikari ने उन्हें लगभग 15 हजार वोटों से पराजित किया। यह सीट लंबे समय से ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ मानी जाती थी।  

इस राजनीतिक बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पुराने बयान और पोस्टर तेजी से वायरल हो रहे हैं। बंगाल में कथा आयोजन को अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने कहा था- “दीदी नहीं, दादा आएंगे तब हम कथा करेंगे।” अब BJP की जीत के बाद समर्थक इसे “बाबा की भविष्यवाणी” और “सनातन की जीत” से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और बदलते जनमत का परिणाम मान रहे हैं।  

चुनाव परिणाम आने के बाद BJP कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे “बंगाल में नए युग की शुरुआत” बताया, जबकि TMC ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव में “बल और प्रभाव” का उपयोग किया गया।  

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की सामाजिक और राजनीतिक दिशा में बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले राज्य में BJP की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।  

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Taran

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