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फर्जी नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो से हाईवे पर डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

रायगढ़, 13 अगस्त 2026। हाईवे किनारे खड़े ट्रेलर और भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले एक गिरोह का जूटमिल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों सुनील कुमार केवट (30) निवासी खम्हरिया, थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा और संदीप कुमार डहरिया (34) निवासी बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव (48) पहले से ही बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे अभी फरार हैं।

दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो ने खोला चोरी के गिरोह का राज

मामले की शुरुआत 3 फरवरी 2026 को हुई, जब अमलीभौना स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने एनएच-49 के किनारे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली। वाहन का चालक और उसमें सवार अन्य लोग मौके से फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर पहुंची जूटमिल पुलिस को वाहन की स्थिति संदिग्ध लगी। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान वाहन के अंदर 10 लीटर डीजल से भरी प्लास्टिक की जरिकेन, करीब दो मीटर लंबा प्लास्टिक पाइप, दोनों तरफ नुकीला लोहे का सब्बल, दो मोबाइल फोन और अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर वाली नंबर प्लेटें बरामद हुईं। इन सामानों ने पुलिस का शक गहरा कर दिया और आशंका हुई कि वाहन का इस्तेमाल हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी करने के लिए किया जा रहा था।

असली नंबर प्लेट हटाकर लगाते थे फर्जी नंबर

जांच के दौरान पुलिस के सामने गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए स्कॉर्पियो की असली नंबर प्लेट हटाकर अलग रजिस्ट्रेशन नंबर वाली फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद हाईवे पर सुनसान स्थानों पर खड़े ट्रेलरों और अन्य भारी वाहनों को निशाना बनाया जाता था।

वाहन से बरामद पाइप और जरिकेन जैसे सामानों ने भी डीजल चोरी की आशंका को मजबूत किया। पुलिस ने बरामद वाहन और सामान को जब्त कर मामले की जांच आगे बढ़ाई।

पूछताछ में मुख्य आरोपी का नाम सामने आया

जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कथित रूप से सामने आया कि वे पुरुषोत्तम यादव के कहने पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम यादव के खिलाफ कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में चोरी एवं अन्य धाराओं के पांच प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। वर्तमान में वह बिलासपुर के सिरगिट्टी थाने के अपराध क्रमांक 368/2026 में विभिन्न धाराओं के तहत 26 जून 2026 से केंद्रीय जेल बिलासपुर में निरुद्ध है।

जेल में बंद आरोपी की भी होगी औपचारिक गिरफ्तारी

मामले में पुरुषोत्तम यादव की भूमिका सामने आने के बाद जूटमिल पुलिस ने न्यायालय से उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति प्राप्त कर प्रोडक्शन वारंट हासिल किया है। अब उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल से रायगढ़ लाकर मामले में पूछताछ की जाएगी।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने रायगढ़ और आसपास के हाईवे क्षेत्रों में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी के डीजल को किन लोगों को बेचा जाता था।

दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद जूटमिल पुलिस ने सुनील कुमार केवट और संदीप कुमार डहरिया को विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 12 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।

वहीं गिरोह के फरार सदस्य शिव कुमार रजक और कुलदीप साण्डे की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़ी और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।

कई धाराओं में अपराध दर्ज

जूटमिल थाने में इस मामले में अपराध क्रमांक 46/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 336(3), 338, 340(2), 287 बीएनएस एवं 3/7 ईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मामले में वाहन, डीजल, पाइप, सब्बल, मोबाइल और नंबर प्लेट सहित अन्य सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई से हाईवे पर सक्रिय गिरोह पर शिकंजा

हाईवे पर लंबे समय से खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। ऐसे में दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो से मिले संदिग्ध सामान के आधार पर शुरू हुई जांच ने एक कथित संगठित गिरोह तक पुलिस को पहुंचा दिया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा एडिशनल एसपी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में जूटमिल पुलिस की कार्रवाई से मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पुलिस की नजर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरोह की पूरी गतिविधियों का खुलासा करने पर है।

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Tarendra Dansena

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