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टेट अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का बड़ा ऐलान, अप्रैल में दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन

रायपुर। देशभर के शिक्षक संगठनों ने टेट (TET) अनिवार्यता के विरोध में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) की राष्ट्रीय बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन भवन में आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों के शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि यदि केंद्र सरकार आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट नहीं देती है, तो आगामी अप्रैल माह में दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के शिक्षक एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी चिंता

बताया जा रहा है कि 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद शिक्षकों के लिए टेट (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। इस निर्णय के बाद देशभर के लगभग 20 से 25 लाख शिक्षकों के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

कई ऐसे शिक्षक हैं जिनकी नियुक्ति आरटीई कानून लागू होने से पहले हुई थी, लेकिन अब उन्हें भी टेट की अनिवार्यता के दायरे में लाया जा रहा है। इसे लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है।

आरटीई से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट की मांग

शिक्षक संगठनों का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई थी, जब टेट अनिवार्य नहीं था, उन पर अब यह नियम लागू करना उचित नहीं है।

इसी मांग को लेकर देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) का गठन किया है और केंद्र सरकार से मांग की है कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट से स्थायी छूट दी जाए।

दिल्ली में होगी बड़ी ताकत की परीक्षा

राष्ट्रीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आगामी अप्रैल माह में दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के शिक्षक एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

इस आंदोलन में लाखों शिक्षकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा रूप ले सकता है।

छत्तीसगढ़ में भी होगी रणनीतिक बैठक

बैठक में टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा और सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर भी शामिल हुए।

इन नेताओं ने जानकारी दी कि दिल्ली की बैठक से लौटने के बाद छत्तीसगढ़ में भी शिक्षकों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह केवल किसी एक राज्य का मुद्दा नहीं बल्कि देशभर के लाखों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा सवाल है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri