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छत्तीसगढ़: सिंघितराई वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर ब्लास्ट, कई मजदूरों की मौत, दर्जनों घायल – उच्च स्तरीय जांच शुरू

जिला सक्ती। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र सिंघितराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर ट्यूब ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में कई मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

हादसा कैसे हुआ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के बॉयलर सेक्शन में अचानक तेज धमाका हुआ। उस समय बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। ब्लास्ट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुआं फैल गया।

तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक, बॉयलर ब्लास्ट आमतौर पर अत्यधिक दबाव, तापमान नियंत्रण में गड़बड़ी, या समय पर मेंटेनेंस न होने के कारण होते हैं। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।

राहत और बचाव कार्य

घटना के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे कुछ को रेफर किया गया बड़े अस्पतालों में राहत कार्य देर रात तक जारी रहा

जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित बताते हुए राहत कार्यों की निगरानी तेज कर दी है।

कंपनी का बयान

हादसे के बाद अनिल अग्रवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

“यह अत्यंत दुखद घटना है, जिससे मेरा मन बहुत व्यथित है। इस हादसे में पीड़ित हर व्यक्ति मेरा परिवार है। आपके आँसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा अपना है।”

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि:

पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी घायलों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है

प्रशासनिक कार्रवाई

राज्य प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

संभावित कार्रवाई में शामिल हैं:

तकनीकी जांच टीम का गठन सुरक्षा मानकों की समीक्षा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

कई प्लांट्स में सुरक्षा ऑडिट नियमित नहीं होते मशीनों का मेंटेनेंस समय पर नहीं किया जाता श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं मिलता

यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला बन सकता है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतकों के परिजन सदमे में हैं और कई स्थानों पर आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।

लोगों की मांग है:

उचित मुआवजा परिवार के एक सदस्य को नौकरी दोषियों पर सख्त कार्रवाई

सिंघितराई का यह हादसा छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में एक बड़ी त्रासदी के रूप में दर्ज हो गया है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

क्या इस बार जिम्मेदारी तय होगी, या फिर यह हादसा भी अन्य घटनाओं की तरह केवल आंकड़ों में सिमट कर रह जाएगा?यह आने वाला समय तय करेगा।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri