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छत्तीसगढ़ में DMF और शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई

पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर गिरफ्तार, 575 करोड़ से अधिक के फंड में अनियमितता का आरोप

छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (DMF) और शराब घोटाला मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयान में प्रथम दृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं।

DMF घोटाला: क्या हैं आरोप?

कोरबा के DMF फंड (575 करोड़ रुपए से अधिक) में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता। आरोप है कि परिचित फर्मों/रिश्तेदारों के माध्यम से कमीशन लेकर काम आवंटित किए गए। ED की जांच में खुलासा: ठेकेदारों के खातों में जमा राशि का बड़ा हिस्सा नकद निकाला गया। फंड खर्च के नियमों में बदलाव कर मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरण, खेल सामग्री, मेडिकल उपकरण जैसी कैटेगरी जोड़ी गईं ताकि उच्च-कमीशन वाले प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा सकें। कथित कमीशन स्ट्रक्चर: कलेक्टर 40%, CEO 5%, SDO 3%, सब-इंजीनियर 2% (जांच में सामने आए आरोप)। एसीबी ने रायपुर कोर्ट में 6 हजार पेज का चालान पेश किया।

गिरफ्तारी के बाद अनिल टुटेजा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड की अनुमति दी गई है।

शराब घोटाला: 100 करोड़ से अधिक ओवरटाइम भुगतान पर सवाल

2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड़ से अधिक भुगतान। रकम एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों को जानी थी, पर पूरी राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची। आरोप है कि अवैध कमीशन निकालकर बांटा गया और अंतिम लाभार्थी के रूप में अनवर ढेबर का नाम सामने आया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने IPC की धारा 120B, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। आरोपी को स्पेशल कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

जांच की कड़ी

29 नवंबर 2023 को ED, रायपुर ने 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। उसी इनपुट के आधार पर एसीबी ने केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। CSMCL में मैनपावर/प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए भुगतान मॉडल पर सवाल।

बड़े सवाल

क्या DMF जैसे विकास फंड में नियम बदलकर कमीशन तंत्र खड़ा किया गया? क्या ओवरटाइम भुगतान मॉडल में संस्थागत खामी थी या संगठित साजिश? जांच आगे बढ़ने पर और किन नामों का खुलासा हो सकता है?

मामले की जांच जारी है। आगे की कार्रवाई और अदालत की कार्यवाही पर नजर बनी हुई है।

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Tarendra Dansena

Tarendra Dansena