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छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक का काउंटडाउन शुरू, 13 जून के आसपास बस्तर से होगी एंट्री

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस के बीच अब लोगों की निगाहें मानसून पर टिक गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य तिथि के आसपास ही प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। प्रारंभिक संकेतों और अरब सागर में बन रही अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके बाद छत्तीसगढ़ तक उसके पहुंचने की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी।  

मौसम विभाग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून की रफ्तार के दौरान कोई बड़ा व्यवधान नहीं आया, तो वह 13 जून के आसपास जगदलपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा। इसके दो से तीन दिनों बाद राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने की संभावना है, जबकि 20 जून तक इसके सरगुजा और अंबिकापुर संभाग तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।  

लक्षद्वीप क्षेत्र और अरब सागर के ऊपर तेजी से बन रहे बादलों को मानसून की प्रारंभिक सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्री हवाओं की दिशा, निम्न दबाव क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी की गतिविधियां मानसून की गति तय करेंगी। फिलहाल परिस्थितियां सामान्य और अनुकूल दिखाई दे रही हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मानसून समय पर पहुंचेगा।  

प्रदेश में इस समय गर्म हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि जून के पहले सप्ताह से प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होगा।  

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के समय पर आने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर धान की खेती वाले छत्तीसगढ़ में समय पर बारिश खरीफ सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि मानसून सामान्य रहा, तो बुवाई का कार्य भी समय पर शुरू हो सकेगा और जलाशयों में पर्याप्त जलभराव की स्थिति बनेगी।  

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Kanha Shastri

Kanha Shastri