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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर मचा हाहाकार, सरकार के दावों पर उठे सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने कहा यदि सब सामान्य है तो जनता परेशान क्यों?

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल को लेकर इन दिनों भय, भ्रम और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, लोग घंटों इंतजार कर टंकियां फुल करा रहे हैं और बाजार में ईंधन संकट की आशंका तेजी से फैलती दिखाई दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने आम जनता, व्यापारियों, किसानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।मुख्यमंत्री के इस बयान के बावजूद ज़मीन पर दिख रही स्थिति ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रदेश के विभिन्न शहरों में अचानक बढ़ी भीड़ और ईंधन को लेकर लोगों की बेचैनी ने यह संकेत दिया है कि जनता सरकारी आश्वासनों से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रही। कई स्थानों पर लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो आने वाले दिनों में परिवहन व्यवस्था, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और बाजार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

इसी बीच रायगढ़ जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल बयानबाज़ी कर रही है, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और दिखाई दे रही है। आगे उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में पर्याप्त भंडारण है तो फिर पेट्रोल पंपों पर इतनी अफरा-तफरी क्यों मची हुई है और लोग घंटों लाइन में लगने को मजबूर क्यों हैं?

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्रशासनिक विफलता और कमजोर प्रबंधन ने जनता के भीतर भय का माहौल पैदा कर दिया है। उनके अनुसार यदि समय रहते सरकार पारदर्शी ढंग से जानकारी देती और स्थिति स्पष्ट करती, तो प्रदेश में इस प्रकार की घबराहट नहीं फैलती।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आज किसान डीजल को लेकर चिंतित है, व्यापारी माल परिवहन को लेकर परेशान है और आम नागरिक महंगाई की मार के बीच नए संकट की आशंका से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि ईंधन संकट की खबरें केवल पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इसका सीधा असर बाजार, खाद्य पदार्थों की कीमतों और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

डनसेना ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “केवल यह कह देना कि सब कुछ सामान्य है, पर्याप्त नहीं है। जनता अब बयान नहीं, बल्कि जमीनी व्यवस्था देखना चाहती है। यदि हालात नियंत्रण में हैं तो सरकार को जिलावार वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर मुद्दे पर प्रचार करने में आगे रहती है, लेकिन संकट की घड़ी में प्रभावी प्रबंधन करने में असफल साबित हो रही है। डँसेना ने मांग की कि सरकार तुरंत पेट्रोल-डीजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे, कालाबाज़ारी और कृत्रिम संकट फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे तथा जनता के बीच विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए।

प्रदेश में बढ़ती चिंता के बीच अब लोगों की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जनता यह जानना चाहती है कि क्या वाकई स्थिति पूरी तरह सामान्य है या फिर प्रदेश किसी बड़े ईंधन संकट की आशंका की ओर बढ़ रहा है।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri