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खरसिया में बना दुनिया का आठवां अजूबा! सड़क से डेढ़ फुट ऊंची नाली, आखिर किस इंजीनियरिंग का नमूना है ये?

पानी निकासी के नाम पर लाखों खर्च, लेकिन सड़क बनी तालाब… जिम्मेदार कौन?

मंगलेश डनसेना, खरसिया

खरसिया। क्या आपने कभी ऐसी नाली देखी है जो सड़क से ऊंची हो? क्या आपने कभी ऐसा विकास देखा है जहां पानी नीचे नहीं, ऊपर की ओर बहाने की उम्मीद की जाती हो? सुनने में मजाक लग सकता है, लेकिन खरसिया जनपद की ग्राम पंचायत करुमौहा में ऐसा ही एक हैरतअंगेज कारनामा सामने आया है। यहां ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलकर शायद इंजीनियरिंग के सारे नियमों को चुनौती दे दी है।

ये तस्वीरें खरसिया के ग्राम पंचायत करुमौहा की आश्रित ग्राम करपापाली की है, यहां पानी निकासी के लिए बनाई गई नाली सड़क से लगभग एक से डेढ़ फुट ऊंची है। अब सवाल ये है कि सड़क पर जमा पानी आखिर एक से डेढ़ फुट ऊपर चढ़कर नाली में जाएगा कैसे? बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। सड़क अब सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आने लगी है। स्थानीय लोगों को रोजाना इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

गांव वालों का कहना है कि नाली निर्माण के बाद समस्या खत्म होने की बजाय और बढ़ गई है। पानी निकासी बंद हो गई है और सड़क पर जलभराव स्थायी परेशानी बन चुका है।

सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या निर्माण के दौरान किसी इंजीनियर ने स्थल निरीक्षण किया था? क्या तकनीकी स्वीकृति सिर्फ कागजों में दी गई? अब सवाल यह है कि आखिर इस निर्माण कार्य की निगरानी किसने की और जनता के पैसे से बने इस कारनामे का जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। करुमौहा में बना यह निर्माण अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। कई लोग इसे ‘दुनिया का आठवां अजूबा’ बता रहे हैं।

जब सड़क से ऊंची नाली बन जाए और पानी निकासी की व्यवस्था ही पानी के रास्ते में दीवार बन जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। आखिर जनता के पैसे से बने इस कथित विकास मॉडल का जवाब कौन देगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर करुमौहा का यह ‘आठवां अजूबा’ यूं ही लोगों की परेशानी बढ़ाता रहेगा?

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