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एक अप्रैल से सरकारी कनेक्शनों पर प्री-पेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू

रायपुर। प्रदेश में बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया है।एक अप्रैल 2026 से राज्य के सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट बिजली मीटर को प्री-पेड सिस्टम में बदला जाएगा। इसकी शुरुआत शहर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के सरकारी कार्यालयों से की जाएगी।

ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ.रोहित यादव ने बताया कि मार्च 2026 तक की बकाया राशि को फ्रीज किया जाएगा। इस बकाया की वसूली वित्तीय वर्ष 2026-27 में चार समान त्रैमासिक किश्तों में की जाएगी। वर्तमान में सरकारी कनेक्शनों पर लगभग 2800 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया है।

45 हजार से अधिक कनेक्शनों में बदलेगी व्यवस्था

विकासखंड स्तर से ऊपर के 45,328 सरकारी कनेक्शनों में नई प्री-पेड व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं ब्लॉक से नीचे स्तर के करीब 1.28 लाख सरकारी कनेक्शन भी आगामी चरण में इस दायरे में शामिल किए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से बिजली बिलों की समय पर वसूली सुनिश्चित होगी और राजस्व संग्रह में सुधार आएगा।

बैलेंस खत्म होने पर भी तुरंत नहीं कटेगी बिजली

नई व्यवस्था के तहत संबंधित विभागों को पहले रिचार्ज कर बिजली उपयोग करनी होगी। हालांकि राहत यह दी गई है कि बैलेंस समाप्त होने पर भी तत्काल डिस्कनेक्शन नहीं किया जाएगा। आवश्यक सेवाओं को देखते हुए कुछ समय की छूट प्रदान की जाएगी। निर्धारित अवधि तक रिचार्ज नहीं होने पर नियमानुसार कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

मोबाइल पर मिलेगी दैनिक खपत की जानकारी

प्री-पेड स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को प्रतिदिन बिजली खपत, उपलब्ध बैलेंस और शेष राशि की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस, व्हाट्सएप और “मोर बिजली” एप के माध्यम से मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे बिजली उपयोग में पारदर्शिता आएगी, फिजूलखर्ची रुकेगी और विभागीय जवाबदेही भी तय होगी।

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Kanha Shastri

Kanha Shastri